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Thursday, 2 June 2016

सावधान - हर उपाय नहीं हे समाधान.....


कभी-कभी लोग दूसरों के बहकावे में आकर किसी भी ज्‍योतिषी उपाय को अपना लेते हैं लेकिन वह यह भूल जाते हैं कि अगर किसी चीज का सकारात्‍मक पहलू है तो नकारात्‍मक भी अवश्‍य ही होगा। इसी प्रकार ज्‍योतिषियों द्वारा बताए गए सभी उपाय जरूरी नहीं हैं कि शुभ फल ही दें। कुछ उपाय करने से उसका अल्‍टा फल भी मिलता है। तो आइए जानते हैं ऐसे नकारात्‍मक फल देने वाले उपायों के बारे में -:
– यदि कुंडली में गुरु ग्रह, दसवें या चौथे भाव में है तो कभी भी किसी मंदिर निर्माण के लिए दान न करें। इस कार्य का फल इतना भयंकर हो सकता है कि आप सोच भी नहीं सकते। इसके कारण आपको फांसी तक हो सकती है।
चंद्रमा के बारहवें भाव में विराजमान होने पर साधुओं का साथ नकारात्‍मक फल देता है। इससे परिवार की वृद्धि में रुकावट आती है।
-सप्‍तम और अष्‍टम भाव में सूर्य हो तो तांबे की वस्‍तु का दान न करें, इससे धन की हानि हो सकती है।