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Thursday, 26 May 2016

मिलेगा शुभ फल, यदि रोज़ इस समय करेंगे भगवान शिव का व्रत....


देवों के देव महादेव की कृपा पाने के लिए श्रद्धालु कठिन से कठिन तपस्‍या करते हैं। कहते हैं कि यदि महादेव अपने भक्‍तों से प्रसन्‍न हो जाएं तो वह उनकी झोली खुशियों से भर देते हैं। भोले भंडारी की पूजा पूरे संसार में की जाती है। हिंदू धर्म के एकमात्र शिवजी ही ऐसे भगवान हैं जिनके सैंकड़ों भक्‍त विदेशी भी हैं। आपको शिव के पूजनीय स्‍थान पर सैंकड़ों की संख्‍या में बम बम भोले के नारे लगाते हुए विदेशी श्रद्धालु दिख जाएंगें। 
प्रदोष काल में किए जाने वाले नियम, व्रत एवं अनुष्ठान को प्रदोष व्रत कहा गया है। ऐसी मान्‍यता है कि इस समय व्रत करने से भगवान शिव जल्‍दी प्रसन्‍न होते हैं।
सप्ताह के सातों दिन के प्रदोष व्रत का विशेष महत्त्व है। इसके निम्‍न लाभ हैं -:
रविवार के प्रदोष व्रत से निरोगी काया का आशीर्वाद प्राप्‍त होता है।
– सोमवार के दिन व्रत रखने से सभी मनोकामनाओं की पूर्ति होती है।
– मंगलवार को प्रदोष व्रत रखने से असाध्‍य रोग भी ठीक होते हैं।