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Saturday, 8 April 2017
Friday, 7 April 2017
Thursday, 6 April 2017
कुंडली में बन रहा ग्रहण योग कर सकता है आपको बर्बाद, जानें समाधान.......
शुभ और अशुभ योग
ज्योतिषशास्त्र में कई
ऐसे शुभ और अशुभ योगों का वर्णन किया गया है जो अगर किसी व्यक्ति की कुंडली में
बनते हैं तो उस व्यक्ति के जीवन और उसके भाग्य पर इसका विशेष प्रभाव पड़ता है। ये शुभ और अशुभ योग या तो उस व्यक्ति के जीवन को खुशहाली
से भर देते हैं या फिर उसे तबाह और बबार्द कर देते हैं।
जेब में नहीं टिकता पैसा तो करें हनुमान जी का ये उपाय
ग्रहण
योग
अशुभ योगों में कालसर्प
दोष, शकट योग, गजकेसरी योग, विषकन्या
योग आदि आते हैं। ये योग किसी भी व्यक्ति के जीवन को कष्टों से भर देते हैं।
इन्हीं अशुभ योगों की तरह ‘ग्रहण योग’ भी होता है जो व्यक्ति के जीवन पर गहरा असर डालता है। आज हम जीवन पर
ग्रहण योग के पड़ने वाले असर के बारे में जानेंगें।
कब
बनता है ग्रहण योग
यदि
कुंडली में चंद्रमा या सूर्य, राहू और
केतु के प्रभावांतर्गत आते हैं यानि राहू-केतु का सूर्य-चंद्रमा से दृष्टि या युति
संबंध हो तो उस जातक की कुंडली में ग्रहण योग बनता है। ये योग उस व्यक्ति को
केवल कष्ट ही पहुंचाता है।
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कब
नहीं देता अशुभ फल
पूर्ण
रूपेण ग्रहण योग के निर्माण के लिए इन ग्रहों का स्वयं अशुभ स्थानों का स्वामी
होना या फिर इनका अशुभ ग्रहों से कमज़ोर होना आवश्यक है। अगर किसी की कुंडली में
शुभ भाव में चंद्र-सूर्य स्वामी बनकर बैठे हों या राहू-केतु का उनके साथ संयोग
बन रहा हो तो ऐसी स्थिति में ग्रहण योग से अशुभ फल के स्थान पर शुभ फल प्राप्त
होते हैं।
ग्रहण
योग के प्रभाव
अगर कुंडली में ग्रहण योग
बन रहा है तो ऐसी स्थिति में जातक को शारीरिक और मानसिक पीड़ा झेलनी पड़ती है। उसे
अपमान, अपनों से
अनबन, रोग, कर्ज, कलंक और राजदंड का सामना करना पड़ता है। कुंडली में जिन-जिन भावों पर
राहू-केतु की नज़र पड़ रही हो, वह भाव पीडित होकर अपने से
संबंधित बुरे फल प्रदान करते हैं।
आप पर बढ़ते कर्ज का ये हो सकता है कारण
कैसे
पाएं मुक्ति
अगर
किसी की कुंडली में ग्रहण योग की वजह से अशुभ फल मिल रहे हैं तो ऐसी स्थिति में
चंद्रमा और सूर्य को मज़बूत करने और राहू-केतु को शांत करने के लिए उपाय करें।
राहू-केतु को शांत करने के लिए भगवान शिव और हनुमान जी की उपासना करें और चंद्रमा
को प्रसन्न करने के लिए श्वेद वस्तुओं का प्रयोग और दान करें और सूर्य को प्रबल
करने के लिए सूर्य गायत्री मंत्र का जाप करें।
Wednesday, 5 April 2017
Saturday, 1 April 2017
Friday, 31 March 2017
नवरात्र के दिनों में इन चीज़ों को खाने से मिलता है कष्ट
नवरात्र
के नौ दिनों को बेहद शुभ और पवित्र माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार नवरात्र के
दिनों में खानपान को लेकर कुछ विशेष नियम बनाए गए हैं जिनका पालन करना व्रताहारी
के साथ-साथ अन्य लोगों के लिए भी जरूरी है। नवरात्र के दिनों में कुछ विशेष खाद्य
पदार्थों का सेवन करने की सख्त मनाही है। कहते हैं कि अगर नवरात्र में इन चीज़ों
का सेवन किया जाए तो देवी मां उस व्यक्ति से रुष्ट हो जाती हैं।
नवरात्र में स्वास्तिक के ये उपाय बना सकते हैं आपको धनवान
आइए
जानते हैं कौन सी हैं वे चीज़ें जिन्हें नवरात्र में नहीं खाना चाहिए।
लहसुन
और प्याज
नवरात्र
के अलावा श्राद्ध और अन्य शुभ दिनों पर प्याज और लहुसन का प्रयोग वर्जित है।
हिंदू धर्म के किसी भी व्रत एवं त्योहार पर प्याज औश्र लहसुन का सेवन करने की
मनाही है। दरअसल, प्याज और
लहसुन को निचले दर्जे की सब्जी माना गया है और देवी-देवता के पूजन या आहार में
ऐसी सब्जियां शामिल नहीं की जाती हैं। इसलिए नवरात्रों में भी प्याज और लहसुन का
सेवन करना वर्जित है।
मांसाहार
हिंदू
धर्म के अनुसा नवरात्र के दिनों में सात्विक भोजन खाना चाहिए। देवी-देवता के शुभ
दिनों पर मांसाहार का सेवन तो बिलकुल भी
नहीं करना चाहिए। किसी प्राणी की हत्या कर उसे खाने से पाप लगता है इसलिए नवरात्र
के दिनों में तो ऐसा बिलकुल भी नहीं करना चाहिए वरना देवी मां बहुत क्रोधित हो
जाती हैं।
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मदिरा
शास्त्रों
के अनुसार मदिरा और नशीली वस्तुओं के सेवन से व्यक्ति अपना विवेक और बुद्धि
दोनों खो बैठता है। मदिरा के सेवन से उसका मन काम और वासना के विचारों से घिरा
रहता है इसलिए नवरात्र के पावन दिनों में ब्रह्मचर्य का पालन करने हेतु मदिरा का
सेवन नहीं करना चाहिए।
बैंगन
और आलू
ये
दोनों ऐसी सब्जियां हैं जो धरती के नीचे उगती हैं। इस वजह से इन पर सूर्य का
प्रकाश नहीं पड़ पाता है। इन सब्जियों में ऊर्जा न के बराबर होती हैं इसलिए इनका
सेवन आपके लिए व्यर्थ हो सकता है क्योंकि नवरात्र में व्रत रखने पर आपको ऊर्जा
की बहुत आवश्यकता होती है।
खट्टी
चीज़ें
नवरात्र
में खट्टे भोज्य पदार्थों के सेवन पर भी पाबंदी है। इस तरह के खाद्य पदार्थ व्यक्ति
के मन को विचलित कर उसे धर्म के मार्ग से भटका सकते हैं। अर्थात् नवरात्र के दिनों
में टमाटर और इमली जैसी खट्टी चीज़ों का सेवन नहीं करना चाहिए।
नवरात्र के दिनों में भूलकर भी न खाएं ये चीज़ें वरना…
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